राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस एक चिंतन

 राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस एक चिंतन

वृत्त एकसत्ता न्यूज 

संकलक : आकाश भाग्यवंत नायकुडे 

अकलूज दिनांक 01/07/2026 :

हर मरीज के मन में अपने चिकित्सक के प्रति गहरा सम्मान और कृतज्ञता का भाव होना चाहिए, क्योंकि डॉक्टर वही व्यक्ति है जो अपने ज्ञान, अनुभव और अथक परिश्रम से हमें स्वस्थ रखने का निरंतर प्रयास करता है। जब जीवन संकट में होता है, तब सबसे पहले जिस व्यक्ति पर हमारी आशा टिकती है, वह डॉक्टर ही होता है। वह दिन-रात, सुख-दुख और व्यक्तिगत सुविधाओं की परवाह किए बिना मानव जीवन बचाने के लिए समर्पित रहता है।

आस्था और विश्वास प्रत्येक व्यक्ति का निजी विषय है। लोग ईश्वर, अल्लाह या गॉड से प्रार्थना करते हैं, लेकिन बीमारी के समय उपचार, दवा, शल्यचिकित्सा और जीवन रक्षा का कार्य डॉक्टर ही अपने विज्ञान, कौशल और सेवा-भाव से करता है। इसलिए चिकित्सकों के प्रति सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सभ्य समाज का नैतिक दायित्व है।

साथ ही, प्रत्येक डॉक्टर को भी यह सदैव स्मरण रखना चाहिए कि चिकित्सा केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि मानवता की सबसे पवित्र सेवाओं में से एक है। रोगी उसके लिए केवल एक "केस" या "ग्राहक" नहीं, बल्कि एक जीवित इंसान है, जिसकी आशाएँ, परिवार और भविष्य उससे जुड़े होते हैं। संवेदनशीलता, करुणा, ईमानदारी और सेवा-भाव ही चिकित्सा व्यवसाय की वास्तविक पहचान हैं।

जब समाज चिकित्सकों का सम्मान करेगा और चिकित्सक अपने दायित्व को सेवा का व्रत मानकर निभाएँगे, तभी चिकित्सा व्यवस्था में विश्वास और मानवीय मूल्यों की सच्ची स्थापना होगी। यही राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस का वास्तविक संदेश है।

- चाँद शेख

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